Ganpati Atharvashirsha
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्तासि ॥ त्वमेव केवलं धर्तासि ॥ त्वमेव केवलं हर्तासि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्मासि नित्यम् ॥१॥
Vinay Chalisa Baba Neem Karori -विनय चालीसा नीम करौरी बाबा
Vinay Chalisa Baba Neem Karori
मैं हूँ बुद्धि मलीन अति । श्रद्धा भक्ति विहीन ॥
करूँ विनय कछु आपकी । हो सब ही विधि दीन ॥
॥ चौपाई ॥
जय जय नीब करोली बाबा । कृपा करहु आवै सद्भावा ॥
कैसे मैं तव स्तुति बखानू । नाम ग्राम कछु मैं नहीं जानूँ ॥
जापे कृपा द्रिष्टि तुम करहु । रोग शोक दुःख दारिद हरहु ॥
तुम्हरौ रूप लोग नहीं जानै । जापै कृपा करहु सोई भानै ॥4॥
Best 20+ Swami Vivekananda Quotes In Hindi-स्वामी विवेकानंद के विचार
“शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है।
विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है।
प्रेम जीवन है, घृणा मृत्यु है।”
Strength is Life, Weakness is Death.
Expansion is Life, Contraction is Death.
Love is Life, Hatred is Death.”
Dasha in Jyotish Shastra-ज्योतिष शास्त्र में दशा को जानिए
जन्म कुंडली में उपस्थित योगों के द्वारा जहाँ हमें यह ज्ञात होता है कि जातक के जीवन में कोई घटना होगी या नहीं वहीं दशा हमें इस बात की जानकारी देती है कि वह घटना जीवन में कब घटित होगी।
भज गोविन्दम् का हिंदी अर्थ सहित-Bhaja Govindam Hindi Arth
Bhaja Govindam
भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दं भज मूढ़मते।
संप्राप्ते सन्निहिते काले, नहि नहि रक्षति डुकृङ्करणे॥1॥
मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णाम्, कुरु सद्बुद्धिमं मनसि वितृष्णाम्।
यल्लभसे निजकर्मोपात्तम्, वित्तं तेन विनोदय चित्तं॥2॥
श्री शिव रुद्राष्टकम् हिंदी अर्थ सहित-Shri Shiv Rudrashtakam Hindi Arth
Shri Shiv Rudrashtakam
नमामीशमीशान निर्वाणरूपम्।विभुम् व्यापकम् ब्रह्मवेदस्वरूपम्।
निजम् निर्गुणम् निर्विकल्पम् निरीहम्।चिदाकाशमाकाशवासम् भजेऽहम् ॥१॥
Panch Mahapurush Yoga Kya Hota Hai-पंचमहापुरुष योग
Panch Mahapurush Yoga
जब मंगल, बुध, शुक्र, शनि या बृहस्पति केंद्र में उच्च या स्वग्रही हों तो पंच महापुरूष योग बनता है। मंगल के द्वारा रुचक, बुध के द्वारा भद्र, बृहस्पति के द्वारा हंस, शुक्र के द्वारा मालव्य और शनि के द्वारा शश नामक पंच महापुरुष योग बनता है।
ग्रहों की अवस्था-Grahon Ki Awastha
ग्रह सतत रूप से गतिशील रहते हैं। वह भचक्र की विभिन्न राशियों में सतत गोचर करते हुए विशिष्ट स्थितयों को प्राप्त करते हैं, जिन्हे ग्रहों की अवस्था(Grahon Ki Awastha) कहा जाता है।
Kendra Trikon Rajyog-केंद्र त्रिकोण राजयोग को जानिए (विष्णु लक्ष्मी योग)
जब केंद्र स्थान और त्रिकोण के स्वामी एक दूसरे के सम्बन्ध बनाते हैं तो इसे केंद्र त्रिकोण राजयोग(Kendra Trikon Rajyog ) कहते हैं। केंद्र त्रिकोण राजयोग में भाग लेने वाले ग्रह अपनी दशा अन्तर्दशा में शुभ फल प्रदान करते हैं।
Saraswati Ashtottara Shatanama Stotram Hindi Meaning-सरस्वती अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित
Saraswati Ashtottara Shatanama Stotram
ॐ महादेव्यै च विद्महे। ब्रह्मपत्न्यै च धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात।
ॐ सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा।
सरस्वति महाभद्रा महामाया वरप्रदा ।
श्रीप्रदा पद्मनिलया पद्माक्षी पद्मवक्त्रगा ।।1।।













