Classical Astrology Books वैदिक ज्योतष को वेदांग में स्थान प्राप्त है।ज्योतिषशास्त्र को वेदों का चक्षु कहा जाता है। यूँ तो वेदों , पुराणों और अनेक प्राचीन ग्रंथों में ग्रह और नक्षत्रों आदि का जिक्र आता है परन्तु हमारे ऋषियों और मुनियों द्वारा कुछ ग्रन्थ विशेष रूप से ज्योतिष शास्त के ऊपर लिखे गए है, जिन्हें…
Shri Krishnashtakam Hindi Meaning-श्री कृष्णाष्टकम हिंदी अर्थ
Shri Krishnashtakam Hindi Meaning-श्री कृष्णाष्टकम हिंदी अर्थ
भजे व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनं,
स्वभक्तचित्तरञ्जनं सदैव नन्दनन्दनम् ।
सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं,
अनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम् ॥ १ ॥
Rahu Stotram-राहु स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित
Rahu Stotram Hindi Meaning
राहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः ।
अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥ १ ॥
राहु ग्रह के दानव मन्त्री, सिंहिका के चित्त को आनंदित करने वाले, अर्धकाय (आधे शरीर वाले होने वाला), सदा क्रोधी, चंद्र और आदित्य (सूर्य) का विनाश करने वाले॥
Vasudev Sutam Devam Hindi Arth Sahit- वसुदॆव सुतं दॆवं कंस चाणूर मर्दनम्
Vasudev Sutam Devam
वसुदॆव सुतं दॆवं कंस चाणूर मर्दनम् ।
दॆवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दॆ जगद्गुरुम् ॥1॥
Janiye Kya Hai Ekadashi Vrat Ka Khana-एकादशी व्रत खाना
Ekadashi Vrat Ka Khana
हिंदू पञ्चाङ्ग की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं। यह तिथि मास में दो बार आती है – पूर्णिमा में उपरान्त कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के उपरान्त शुक्ल पक्ष की एकादशी इन दोनों प्रकार की एकादशियोँ का हिन्दू धर्म में बहुत महत्त्व है।
एकादशी के दिन व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन अन्न का निषेध होता है विशेषकर चावल का। जो लोग व्रत नहीं भी रखते हैं उन्हें भी इस दिन चावल नहीं खाना चाहिए।
Rin Mukti Ganesh Stotra Hindi Arth Sahit-ऋण मुक्ति गणेश स्तोत्र
ऊँ स्मरामि देवदेवेशं वक्रतुण्डं महाबलम । षडक्षरं कृपासिन्धुं नमामि ऋणमुक्तये ।।1।।
मैं घुमावदार सूंड वाले और अत्यंत शक्तिशाली देवी-देवताओं के भगवान को याद करता हूँ। मैं ऋण मुक्ति के लिए छह अक्षरों वाले दया के सागर को प्रणाम करता हूं।
Rinmochan Mangal Stotram-ऋण मोचन मंगल स्तोत्र हिंदी अर्थ
मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः ।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः ॥1॥
मङ्गल , भूमिपुत्र(धरती का पुत्र), ऋणहर्ता (कर्ज का नाश करने वाले), धनप्रद(धन को प्रदान करने वाले), स्थिरासन(अपने स्थान पर स्थिर रहने वाले), महाकाय (बड़े शरीर वाले), सर्वकर्मविरोधक(समस्त तरह की कार्य बाधा को हटाने वाले)
Shani Sadesati Kya Hai Aur Upay-शनि साढ़ेसाती और उपाय
शनि की साढ़ेसाती शनि का साढ़ेसात साल का काल खंड होता है जिसमें जातक के ऊपर शनि ग्रह का ज्यादा प्रभाव होता है।शनि के Sadesati का विचार आते ही ज्यादातर लोगों के मन में नाकारात्मक विचार आने लगते हैं। ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि शनि की साढ़ेसाती में जीवन में परेशानियां, आर्थिक संकट, मानसिक परेशानियां आदि का सामना करना पड़ेगा। परन्तु ऐसा हमेशा शनि की साढ़ेसाती बुरी नहीं होती।
Famous Osho Quotes In Hindi|English-ओशो के विचार
Osho Quotes
“यदि आपको कोई फूल पसंद है तो उसे तोड़ो मत ।
क्योंकि यदि आप इसे तोड़ते हैं तो यह मर जाता है और यह वह नहीं रह जाता जिसे आप पसंद करते हैं।
इसलिए यदि तुम्हें एक फूल से प्रेम है, तो उसे रहने दो।
प्यार में अधिकार नहीं है प्यार में सराहना होती है।”
-ओशो
Famous Kabir Das Ke Dohe Arth Sahit-कबीर दास के दोहे
गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूं पाँय ।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो मिलाय॥
कबीर दास जी कहते हैं कि यदि हमारे सामने गुरु और गोविन्द (भगवान) दोनों एक साथ खड़े हों तो मन में दुविधा होती है कि किसके चरण स्पर्श करें। क्योंकि गुरु के द्वारा मिले ज्ञान से ही हमें भगवान की प्राप्ति होती है इसलिए गुरु की महिमा भगवान से भी ऊपर है और हमें गुरु के चरण स्पर्श करने चाहिए।













